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[PDF] सम्पूर्ण अथर्ववेद संहिता अर्थ सहित | Atharva Veda in Hindi PDF

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PDF Name: Atharva Veda in Hindi PDF
No. of Pages: 663
PDF Size: 39.1 MB
Language: Hindi
Category: Religion & Spirituality
Author: Harisharan Siddhantalankar

Summary of Atharva Veda in Hindi PDF

ऋग्वेद ज्ञानकाण्ड है। यजुर्वेद कर्मकाण्ड है। सामवेद उपासनीकाण्ड है और अथर्ववेद विज्ञानकाण्ड है। भाष्यकार के शब्दों में ऋग्वेद मस्तिक का वेद है, यजुर्वेद हाथों का वेद है।

सामवेद हृदय का वेद है और अथर्ववेद उदर-पेट का वेद है। उदर विकारों से ही नाना प्रकार के विकार उत्पन्न होते हैं। इस वेद में नाना प्रकार की ओषधियों का वर्णन करके शरीर को नीरोग, स्वस्थ और शान्त रखने के उपायों का वर्णन है।

राष्ट्र में उपद्रव और अशान्ति होने पर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए नाना प्रकार के भयंकरतम अस्त्र और शस्त्रों का वर्णन भी इस वेद में है। इसप्रकार यह युद्ध और शान्ति का वेद है। यही इस वेद का प्रमुख विषय है।

अर्थवेद में बीस काण्ड, ७३१ सूक्त और ५९७७ मन्त्र हैं। सबसे छोटा सूक्त एक मन्त्र का है। एक-एक, दो-दो और तीन-तीन मन्त्रों के अनेक सूक्त हैं।

सबसे बड़ा सूक्त ८९ मन्त्रों का है, इस वेद को ब्रह्मवेद भी कहते हैं। इस वेद के अनेक सूक्तों में ब्रह्म परमेश्वर का हृदयहारी वर्णन है, जिसे पढ़ते-पढ़ते पाठक भावविभोर हो उठता है।

वह अध्यात्म के सरोवर में डुबकियाँ लगाने लगता है। ऐसे कुछ सूक्त हैं-२ १; ४ । २; ४ । १६ आदि ।

गृहस्थ के सौहार्द का जो मनोहारी वर्णन ३ । ३० में किया है, उसकी छटा देखते ही बनती है। इसी प्रकार का एक सूक्त ७ ६२ भी है।

इन सूक्तों में वर्णित शिक्षाओं पर आचरण किया जाए तो घर निश्चय ही स्वर्ग बन जाए।

चौदहवाँ काण्ड तो सारा ही दाम्पत्य सूक्त है, जिसमें पति-पत्नी के कर्त्तव्यों तथा विवाह के नियमों और गृहस्थ की मान-मर्यादाओं का उत्तम विवेचन है।

बारहवें काण्ड को प्रथम सूक्त संसार का प्रथम राष्ट्रगीत है। इसमें एक आदर्श राष्ट्र और उसकी रक्षा के उपायों को सर्वाङ्गीण चित्रण हुआ है।

वेद ने सारे संसार को एक सार्वभौम राज्य माना है और धूमिमाता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा दी है।

पाश्चात्यों के अनुसार अथर्ववेद जादू-टोने का वेद है। इसमें शत्रुओं के मारण, मोहन और उच्चाटन का वर्णेने है। इसमें कृत्या द्वारा शत्रु हनन के प्रयोग हैं। ये सारी धारणाएँ भ्रान्त हैं।

इस भाष्य को पढ़ने से इस भ्रान्त धारणा का उन्मूलन हो जाएगा।

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